देश भर में शनिवार को सुबह 10 बजे कोरोना से मरने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए तीन मिनट का मौन रखा गया। पूरे देश और विदेशों में चीनी दूतावास में नेशनल फ्लैग को आधा झुका दिया गया। देश में कोरोना का पहला मामला पिछले साल दिसंबर में वुहान शहर में सामने आया था। तब से अब तक करीब 3300 लोगों की जान जा चुकी है।

देश में सायरन और कार की आवाज बजते ही यातायात और सड़कों पर लोग थम गए। वायरस से दुनियाभर में करीब 60 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। चीन की सरकार ने कहा कि कोरोना से हुबेई के डॉक्टर ली वेनलियांग समेत 14 चिकित्सकों की मौत हो गई थी। आज उन्हें शहीदों के तौर पर याद किया गया। शहीदों में 12 डॉक्टर, एक पुलिस अधिकारी और सामुदायिक कार्यकर्ता शामिल थे।

ली ने ही सबसे पहले चीन में कोरोना को लेकर आगाह किया था
ली वेनलियांग ने ही कोरोनावायरस के खिलाफ अधिकारियों और चिकित्साकर्मियों को आगाह किया था। लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात को नकार दिया और उन्हें प्रताड़ित किया था। कोरोना से संक्रमित होने के बाद सात फरवरी को उनकी मौत हो गई थी।

शी जिनपिंग ने बीजिंग में श्रद्धांजलि दी
बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य सरकारी अधिकारियों ने अपने सीने पर लगाए फूलों के साथ कोरोना पीड़ितों को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजधानी समेत देशभर में लोग भावुक नजर आए।

4 अप्रैल को लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं
चीन में चार अप्रैल को क्विंगमिंग टूम्ब फेस्टिवल भी मनाया जाता है। इसे टूम्ब स्वीपिंग डे भी कहा जाता है। इस दिन लोग अपने पूर्वजों, परिवार के मृतक सदस्यों और शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं।
